एस.पी.एम. औटोकॉम्प में औद्योगिक दुर्घटनाएं और यूनियन बनाने का संघर्ष - रिपोर्ट

हरियाणा का आई.एम.टी.(इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) मानेसर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर.) में न केवल औद्योगिक क्षेत्र के रूप में जाना जात है बल्कि मारुति प्लांट और मजदूरों के संघर्ष का क्षेत्र भी रहा है। यह सभी जानते है की मारुति मानेसर प्लांट की यूनियन के 13 सक्रिय मजदूरों को हाल ही में ट्रायल कोर्ट के द्वारा आजीवन कारावास की सजा दी गयी है। इस यूनिट के मजदूर कठिन संघर्ष के बाद जनवरी 2012 में अपनी यूनियन को पंजीकृत कराने में सफल हो पाये। उपर बताया गया जजमेंट इस तथ्य का गवाह है की न केवल यूनियन बनाना मुश्किल है, बल्कि यूनियन के सक्रिय सदस्यों को प्रबंधक द्वारा लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस क्षेत्र में केवल मारुति ही एक मात्र कंपनी नही हैं जिसमें यूनियन बनाने के लिए मजदूर संघर्षरत है और इसके लिए उन्हें दण्डित किया गया। एसपीएम ऑटो कॉम्प सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के मजदूरों ने भी मैनेजमेंट और पुलिस के द्वारा कुछ इसी प्राकर के दमन को झेला है। मारुति संघर्ष, एसपीएम संघर्ष और गुनाहगारों से प्रभावित व्यवस्था को नीचे दस्तावेज़ में दिया गया हैं।

अप्रैल 2017 में एक मजदूर की भयावह हालातों में मौत के बाद एसपीएम में यूनियन बनाने का संघर्ष और तेज़ हो गया। पी.यू.डी.आर द्वारा 18 एवं 24 अक्टूबर को की गई जाँच पड़ताल (फैक्ट फाइंडिंग) में फैक्ट्री के हालातों का मुआइना किया गया। पी.यू.डी.आर की जाँच टीम अलीयर पुलिस थाना (सेक्टर 3 मानेसर) गईं और वहां के प्रभारी से बात की, इसके अलावा एसपीएम के मजदूरों व केस से जुड़े वकीलों से भी बात की। टीम उसके बाद प्लांट भी गई ताकि एसपीएम मैनेजमेंट मिल सके लेकिन मैनेजमेंट की तरफ से किसी के उपलब्ध न होने के कारण, मुलाकात नही हो सकी।

एसपीएम विभिन्न कंपनियों की यात्री गाड़ियों और व्यवसायिक वाहनों के लिए एग्जॉस्ट मेनीफोल्ड और स्टीयरिंग नक्कल का निर्माण करता है जिनमें से मारुति भी एक है। मानेसर में इस कंपनी का फाउंड्री (ढलाई-घर) और मशीन शॉप हैं। फाउंड्री में अकुशल मजदूर कार्य करते है वहीं मशीन शॉप में आईटीआई, डिप्लोमा डिग्री धारक कार्य करते हैं। फाउंड्री में करीब 350 मजदूर काम करते है इनमें से केवल कुछ मजदूर ही कंपनी के स्थायी (परमानेंट) मजदूर हैं जबकि अधिकांश मजदूर ठेकेदार द्वारा ठेके पर रखे गये हैं। दूसरी ओर मशीन शॉप पर 180 परमानेंट मजदूर और कुछ ठेका मजदूर के रूप में काम करते हैं, इसके अलावा 10-15 मजदूरों को पैकिंग, लोडिंग-अनलोडिंग, सफाई और अन्य तरह के कार्य के लिए रखा गया हैं।

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