Leaflets or Parchas

08 Nov 2017
The incessant violation of the workers’ rights in the name of labour reforms under the current political establishment has hit another low. The NDA government has already been making amendments in labour laws in order to push its programmes like ‘Make-in-India’, ‘Skill India’, ‘Digital India’ and ‘Ease of doing Business’ thereby enabling companies to work in India and squeeze...
08 Nov 2017
एनडीए सरकार द्वारा ‘मेक इन इण्डिया’, ‘स्किल इंडिया’, ‘डिजिटल इण्डिया’ और ‘व्यापार की सहूलियत’ जैसे कार्यक्रमों का डंका बजाते हुए श्रम कानूनों में संशोधन किये जा रहे हैं | श्रम मंत्रालय द्वारा 43 श्रम कानूनों को 4 बड़े कानूनों में समेकित किया जा रहा है | इसी कड़ी में 10 अगस्त 2017 को लोक सभा में ‘कोड ऑफ़ वेजिस बिल, 2017’ पेश किया गया | प्रत्यक्ष रूप से इस बिल का उद्देश्य वेतन...
31 May 2017
गढ़चिरोली सत्र न्यायालय में चले मुकदमे का फैसला, जिसमें पाँच लोगों, जी.एन.साईबाबा, महेश तिरकी, पांडू नरोटे, प्रशांत राही और हेम मिश्रा को आजीवन कारावास और विजय तिरकी को 10 साल की कैद की सज़ा सुनाई गई है, एक विचारधारा और नृशंस यू.ए.पी.ए. कानून द्वारा प्रतिबंधित संगठन के राजनैतिक अभियोजन का स्पष्ट उदाहरण है। इन छः अभियुक्तों को एक प्रतिबंधित संगठन सी.पी.आई. (माओवादी) का सदस्य होने...
25 May 2017
The trial and conviction of six persons by the Court of Sessions Judge, Gadchiroli, sentencing GN Saibaba, Maheshi Tirki, Pandu Narote, Prashant Rahi and Hem Mishra, to life imprisonment and Vijay Tirki to ten years, is an unconcealed example of a political trial of an ideology and an organization under the draconian UAPA. The six accused have been convicted for being members...
05 Nov 2016
हौंडा मोटरसाइकिल मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार के समर्थन में बांटे गए इस पर्चे को पढने के लिए कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पर्चा डाउनलोड करें |
05 Nov 2016
Stand up and defend the striking workers of Honda two-wheelers! Stand up for the right to unionise!   2500 contract workers and 200 permanent workers of Honda Company at Tapukhera (Rajasthan-Haryana border) stand dismissed by the management since February, 2016. Why? Because they tried to unionize. From August 2015 Honda management at Tapukhera...
02 Nov 2016
18 जुलाई 2016 जब बुरहन मुजफ्फर वानी मारा गया था, तब से कश्मीर घाटी में इस हत्या के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शन होता जा रहा है। सरकार इसे रोकने के लिए विभिन्न तरीके अपना रही है। जगह-जगह बन्द व कर्फ्यु लगा रही है। अपनी सैन्य व पुलीस बलों द्वारा क्रूर दमन चला रही है। साधारण नागरिकों की मारे जाने की संख्या 90 हो गई है। पैलेट गन से जख्मी होने की संख्या 7000 है, 1000 से ज्यादा लोग...
25 Oct 2016
CDRO urges you to understand that truth has another side which must also be brought before the public. It is, therefore, Coordination of Democratic Rights Organisations stands in solidarity with the peoples of J...
14 Apr 2016
जाति पर आधारित मैला ढोने की प्रथा एक ऐसी प्रथा है जिसमें दलितों की कुछ उपजातियों को अपने हाथों से सूखी लैट्रिन (शुष्क शौचालय) या सीवर में से मल-मूत्र साफ़़ करने, इकट्ठा करने, अपने सिरों पर मैला ढोने या अन्य सम्बंधित कार्यों को करने के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इस प्रथा को बीस वर्ष पहले ही संविधानिक तौर पर प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन आज भी देश में यह व्यापक रूप से...
13 Apr 2016
Manual scavenging is a caste based occupation wherein a certain sub-caste of Dalits are condemned to manually clean, carry, dispose or handle in any manner human excreta from dry latrines and sewers. Though it has been constitutionally banned for more than twenty years now, it is still found to be widely prevalent in the country. As per the Supreme Court of India judgment in...

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