Worker

OPPOSE NDA’S ANTI-WORKER AMENDMENTS TO LABOUR LAWS!

The incessant violation of the workers’ rights in the name of labour reforms under the current political establishment has hit another low. The NDA government has already been making amendments in labour laws in order to push its programmes like ‘Make-in-India’, ‘Skill India’, ‘Digital India’ and ‘Ease of doing Business’ thereby enabling companies to work in India and squeeze labour. The Central Ministry for Labour and Employment is also consolidating 43 labour laws into 4 major laws.

Code on Wage Bill, 2017- A Proposed Legislation Violating the Rights of the Workers

People’s Union for Democratic Rights has long been drawing attention to egregious violation of rights of workers governed under various labour laws. Most important of these rights is the fundamental right to form trade union, so as to engage in collective wage negotiations and to ensure that conditions on shop floor do not become tyrannical.

एनडीए सरकार द्वारा श्रम क़ानूनों में मज़दूर-विरोधी संशोधन के खिलाफ एक हों!

एनडीए सरकार द्वारा ‘मेक इन इण्डिया’, ‘स्किल इंडिया’, ‘डिजिटल इण्डिया’ और ‘व्यापार की सहूलियत’ जैसे कार्यक्रमों का डंका बजाते हुए श्रम कानूनों में संशोधन किये जा रहे हैं | श्रम मंत्रालय द्वारा 43 श्रम कानूनों को 4 बड़े कानूनों में समेकित किया जा रहा है | इसी कड़ी में 10 अगस्त 2017 को लोक सभा में ‘कोड ऑफ़ वेजिस बिल, 2017’ पेश किया गया | प्रत्यक्ष रूप से इस बिल का उद्देश्य वेतन सम्बन्धी निम्न चार केंद्रीय श्रम कानूनों के प्रासंगिक प्रावधानों का एकीकरण व सरलीकरण करना है (१) पेमेंट ऑफ़ वेजिस एक्ट, 1936, (२) मिनिमम वेजिस एक्ट, 1948, (३) पेमेंट ऑफ़ बोनस एक्ट, 1965, (४) इक्वल रेम्यूनरेशन एक्ट, 1976 | गौ

वीवो इण्डिया में मज़दूरों का शोषण और उत्पीड़न

‘मेक इन इण्डिया’ अभियान और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को भारत में निर्माण करने के लिए न्यौता देने से रोज़गार पैदा होने के इसके दावे को काम के भयावह और अमानवीय ‘अवसरों’ के रूप में देखा गया है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण वीवो इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड है। वीवो कम्पनी एक चीनी स्मार्टफ़ोन निर्माता कम्पनी है जिसका भारतीय बाज़ार में प्रवेश दिसम्बर 2015 में ‘मेक इन इण्डिया’ कार्यक्रम के तहत हुआ था और यह इण्डियन प्रीमियर लीग 2017 की प्रायोजक भी थी। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित इसकी निर्माण इकाई उस समय सुर्खियों में आयी, जब कम्पनी ने पिछले महीने आईपीएल सत्र के समापन पर अपने एक हज़ार कर्मचारियों को न

Moderne’ India: Communal attacks, arrests and eviction of migrant workers in Noida, UP

PUDR investigated the aftermath of July 12, 2017, when Zohra Bibi, a domestic worker in Noida’s Mahagun Moderne, was severely beaten up and later went missing from her employer’s flat after allegations of theft were leveled against her. Subsequently, the local police, administration, Resident Welfare Association, as well as the MP and BJP minister Mahesh Sharma have been complicit in unleashing the combined might of the state machinery and the wrath of upper class residents in the violence, detention and deprivation of livelihoods of the protesting workers.

हरियाणा में यूनियन बनाने की सज़ा मुकदमा और जेल!

पीयूडीआर आइसीन ऑटोमोटिव हरियाणा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संघर्षरत मज़दूरों के खिलाफ दर्ज मुक़दमे एवं गिरफ्तारी की निंदा करता है| पिछले कुछ महीनों से मजदूर अपनी यूनियन पंजीकृत करवाने के लिए और मैनेजमेंट से अपने काम की परिस्थितियों से सम्बंधित मांगों को लेकर संघर्षरत हैं | 31 मई 2017 को कंपनी के गेट पर बीते कईं दिनों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे मज़दूरों पर पुलिस ने मैनेजमेंट की शिकायत पर पहले लाठी चार्ज किया फिर उन्हें हिरासत में ले लिया | इन सभी के ख़िलाफ़ रोहतक के संपला थाने में एफ़आई.आर. दर्ज किया गया है जिनमें यूनियन लीडरों को मुख्य आरोपी नामित किया गया है |

En-mass retrenchment and other violations of workers' rights at Omax Autos Ltd. Dharuhera, Haryana

Services of over seven hundred workers of an automobile parts manufacturing company, Omax Auto Ltd., Dharuhera, were terminated illegally on 1st February, 2017 without any prior notice. Of these around 400 contract workers were shifted to other units of the company, the rest, supposedly regular workers, who have been working with the company for 12-22 years are rendered jobless. Unable to bear the shock and the ensuing circumstances, one of the workers Ajay Pande committed suicide on 13th February.

Subscribe to RSS - Worker