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Worker

PUDR Condemns Unjustified Cancellation of LG Worker’s Union

Peoples Union for Democratic Rights, (Delhi)

 

PUDR Condemns Unjustified Cancellation of LG Worker’s Union

 

PUDR unequivocally lends its solidarity and support to workers from the electronics industry in Greater Noida, including LG Electronics, Moser Baer, Exide and Eveready, some of whom have been on a hunger strike for the past week in protest against the steadily deteriorating working conditions and attacks on workers rights in recent times.

 

एस.पी.एम. औटोकॉम्प में औद्योगिक दुर्घटनाएं और यूनियन बनाने का संघर्ष

मानेसर, हरियाणा का इन्डस्ट्रियल माडल टाउनशिप (आई.एम.टी.) दिल्ली-एन.सी.आर. का जाना माना औद्योगिक क्षेत्र है। औद्योगिक क्षेत्र होने के अलावा, यह क्षेत्र मारुती प्लान्ट के कारण भी मशहूर है। मारुती के मजदूरों का संघर्ष भी प्रचलित रहा है, और यह भी जानी हुई बात है कि हाल में ट्रायल कोर्ट ने 13 मजदूरों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। मारुती कम्पनी के अलावा, इस इलाके में मारुती जैसी ऑटोमोबाइल कम्पनियों के लिये पुर्जा बनाने वाली भी कई कम्पनियाँ कार्यरत हैं। ऐसी ही एक कम्पनी एस.पी.एम. ऑटोकॉम्प प्राईवेट लिमिटेड है। एस.पी.एम. तथा मारुती का रिश्ता यहीं तक सीमित नहीं है। एस.पी.एम.

Accidents, Death, Repression and Unionisation in SPM Autocomp Systems Pvt. Ltd., Manesar: A Report

Industrial Model Township (IMT) in Manesar, Haryana is known, not only as an industrial belt in the National Capital Region (NCR) but also as the home to the Maruti plant and the struggle by its workers. It is well known that 13 active union members of Maruti's Manesar plant have been given life imprisonment by the trial court recently. Workers in this unit managed to get their union registered in January 2012 after months of very hard struggle.

OPPOSE NDA’S ANTI-WORKER AMENDMENTS TO LABOUR LAWS!

The incessant violation of the workers’ rights in the name of labour reforms under the current political establishment has hit another low. The NDA government has already been making amendments in labour laws in order to push its programmes like ‘Make-in-India’, ‘Skill India’, ‘Digital India’ and ‘Ease of doing Business’ thereby enabling companies to work in India and squeeze labour. The Central Ministry for Labour and Employment is also consolidating 43 labour laws into 4 major laws.

Code on Wage Bill, 2017- A Proposed Legislation Violating the Rights of the Workers

People’s Union for Democratic Rights has long been drawing attention to egregious violation of rights of workers governed under various labour laws. Most important of these rights is the fundamental right to form trade union, so as to engage in collective wage negotiations and to ensure that conditions on shop floor do not become tyrannical.

एनडीए सरकार द्वारा श्रम क़ानूनों में मज़दूर-विरोधी संशोधन के खिलाफ एक हों!

एनडीए सरकार द्वारा ‘मेक इन इण्डिया’, ‘स्किल इंडिया’, ‘डिजिटल इण्डिया’ और ‘व्यापार की सहूलियत’ जैसे कार्यक्रमों का डंका बजाते हुए श्रम कानूनों में संशोधन किये जा रहे हैं | श्रम मंत्रालय द्वारा 43 श्रम कानूनों को 4 बड़े कानूनों में समेकित किया जा रहा है | इसी कड़ी में 10 अगस्त 2017 को लोक सभा में ‘कोड ऑफ़ वेजिस बिल, 2017’ पेश किया गया | प्रत्यक्ष रूप से इस बिल का उद्देश्य वेतन सम्बन्धी निम्न चार केंद्रीय श्रम कानूनों के प्रासंगिक प्रावधानों का एकीकरण व सरलीकरण करना है (१) पेमेंट ऑफ़ वेजिस एक्ट, 1936, (२) मिनिमम वेजिस एक्ट, 1948, (३) पेमेंट ऑफ़ बोनस एक्ट, 1965, (४) इक्वल रेम्यूनरेशन एक्ट, 1976 | गौ

वीवो इण्डिया में मज़दूरों का शोषण और उत्पीड़न

‘मेक इन इण्डिया’ अभियान और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को भारत में निर्माण करने के लिए न्यौता देने से रोज़गार पैदा होने के इसके दावे को काम के भयावह और अमानवीय ‘अवसरों’ के रूप में देखा गया है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण वीवो इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड है। वीवो कम्पनी एक चीनी स्मार्टफ़ोन निर्माता कम्पनी है जिसका भारतीय बाज़ार में प्रवेश दिसम्बर 2015 में ‘मेक इन इण्डिया’ कार्यक्रम के तहत हुआ था और यह इण्डियन प्रीमियर लीग 2017 की प्रायोजक भी थी। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित इसकी निर्माण इकाई उस समय सुर्खियों में आयी, जब कम्पनी ने पिछले महीने आईपीएल सत्र के समापन पर अपने एक हज़ार कर्मचारियों को न

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