Caste

अन्याय की व्यवस्था: मध्य प्रदेश के मुल्ताई में पारधीयों का हिंसपूर्वक विस्थापन और उनकी बदहाली यौन उत्पीड़न पर सरकारी पर्दा

यह रिपोर्ट सितंबर 2007 मे  दक्षिण मध्य प्रदेश के चोठिया गाँव मे पारधी समुदाय पर स्थानीय किसानो द्वारा किए गए तहस नहस और उनके विस्थापन का ब्योरा देती है। इस घटना के दौरान पुलिस और उच्च प्रशासन की राज्य मशीनरी भी मौजूद थी। इलाके के विधायक और कई राजनैतिक नेताओं ने भी इस कार्यवाही को जायज ठहराया था। इस विध्वंस के दौरान हत्या और सामूहिक बलात्कार की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं, वकीलों, और पत्रकारों के निरंतर प्रयासों के बाद केवल न्यायपालिका ही पारधीयों के बचाव के लिया आगे आई। 

A system of Injustice: The Displacemen and Impoverishment of Pardhis in Multai, Madhya Pradesh

This report discusses the account of attack on Pardhi community in September 2007 in Madhya Pradesh, a notified tribe, on the assumption of criminal nature of the Pardhi community. The attack demolished the entire village by the local farmers with active connivance of state machinery, including police and higher administration, politicians including MLA.  The displacement and destruction also included murder and gang rape.   While the administration seems to have actively engineered the conditions for the demolition, the police remained steadfastly inactive.

दमन, दंडमुक्ति और जाति: सहारनपुर में दलितों पर राजपूतों के हमले की एक घटना पर एक रिपोर्ट

5 मई 2017 को शब्बीरपुर गाँव, जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश, में राजपूतों द्वारा दलितों पर हमले की एक घटना हुई। इस हिंसा के दौरान एक राजपूत युवक की मृत्यु हो गई थी, 13 दलित लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, 40 दलित घरों को जला दिया गया था व दलितों की कुछ दुकानों को लूटा और जलाया गया था। मीडिया ने इस हिंसक घटना को राजपूतों और दलितों के बीच हुई हिंसा-प्रतिहिंसा के तौर पर रिपोर्ट किया।

Simmering Social Impunity: A Report on incidents of Rajput intolerance to Dalit assertion in Saharanpur

On 5th May 2017, an incident of attack on Dalits by the Rajputs occurred in the village Shabbirpur, located near Saharanpur, Uttar Pradesh. During the attack a youth from the Rajput community died, 13 Dalits were grievously injured, more than 40 Dalit houses were burnt, some of their shops looted and burnt. The incident was widely reported in the media as an incident of caste violence between the Rajputs and the Dalits, where 25 houses of Dalits were set on fire. A PUDR team conducted a fact-finding into the incident on 9th May 2017.

Action against Social Welfare Minister, Government of Karnataka H. Anjaneya for endorsing the inhuman practice of Manual Scavenging

To

The Chairperson, Karnataka State Human Rights Commission

The Chairperson, National Commission for Safai Karmcharis

The Chairperson, National Commission for Scheduled Castes

27th March 2017

Subject: Action against Social Welfare Minister, Government of Karnataka H. Anjaneya for endorsing the inhuman practice of Manual Scavenging

Hon’ble Madam/Sir

Appeal to Bihar CM: Release of Death Row Prisoners, Nanhe Lal Mochi, Veer Kuar Paswan, Krishna Mochi and Dharmender Singh, convicted in the Bara Massacre Case, 1992

To,

The Hon’ble Chief Minister of Bihar

4, Deshratna Marg,

Patna, Bihar - 800001

 

2nd November, 2016

 

Subject: Release of Death Row Prisoners, Nanhe Lal Mochi, Veer Kuar Paswan, Krishna Mochi and Dharmender Singh, convicted in the Bara Massacre Case, 1992. 

 

Sir,

मौतों की फ़सल - बिहार के हत्याकांड और न्याय का सवाल

ग्रामीण बिहार में 1980 और 1990 के दशक में हुए हत्याकांडों के इतिहास के सन्दर्भ में और पीयूडीआर द्वारा किये गए अलग-अलग फैक्ट फाइंडिंग जांचों की मदद से, हम बिहार के गया ज़िले के बारा गाँव

पवित्र गाय, अपवित्र शव और दलित

पीयूडीआर गुजरात में गिर सोमनाथ जिले के उना तालुका अंतर्गत मोटा समाधियाला गाँव में गौर-रक्षकों द्वारा चमार जाति के 7 लोगों के साथ मार-पीट, कपड़े उतारने और प्रदर्शन करने की घटना की कड़ी निंदा करता है। इसने हिन्दुत्व के गाय की र
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