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15 Apr 2018
पी.यू.डी.आर. अपनी रिपोर्ट ‘काओ विजिलांतिज़म : क्राइम, कम्युनिटी एंड लाइवलीहुड, जनवरी 2016 से मार्च 2018’ जारी कर रहा है। इस रिपोर्ट में जनवरी 2016 से मार्च 2018 के बीच घटित गौ रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी की घटनाओं का विश्लेषण है। इन गौ-गुंडागर्दी या विजिलांते गतिविधियों को हिंदी एवं अंग्रेजी अखबारों और तथ्यान्वेषी रिपोर्टो के माध्यम से इकट्ठा किया गया है। पी.यू.डी.आर. ने जनवरी 2016 से लेकर अब तक की 137 गौ-गुंडागर्दी (गौ-विजिलांतिज्म) गतिविधियों का लेखाजोखा तैयार किया है। इन घटनाओं में 20 हत्या की वारदाते है जिनमें कुल 29 लोगों की जानें गयीं थीं। यह रिपोर्ट आर.एस.एस.
15 Jul 2014
A joint team comprising Association for Democratic Rights (AFDR) from Punjab , People's Union for Democratic Rights (PUDR) and Women against Sexual Violence and State Repression (WSS) from Delhi visited Bhagana village of Hisar district on May 13, 2014 . The main purpose of this visit was to meet the villagers after the gruesome gang rape incident of the four Dalit girls earlier on March 23 by five men of the Jat community and to understand its links with the ongoing struggle that the Dalit community has been waging since May 2012 for access to common land.
15 Sep 2013
This report discusses the account of attack on Pardhi community in September 2007 in Madhya Pradesh, a notified tribe, on the assumption of criminal nature of the Pardhi community. The attack demolished the entire village by the local farmers with active connivance of state machinery, including police and higher administration, politicians including MLA.  The displacement and destruction also included murder and gang rape.   While the administration seems to have actively engineered the conditions for the demolition, the police remained steadfastly inactive.
15 Jul 2013
यह रिपोर्ट सितंबर 2007 मे  दक्षिण मध्य प्रदेश के चोठिया गाँव मे पारधी समुदाय पर स्थानीय किसानो द्वारा किए गए तहस नहस और उनके विस्थापन का ब्योरा देती है। इस घटना के दौरान पुलिस और उच्च प्रशासन की राज्य मशीनरी भी मौजूद थी। इलाके के विधायक और कई राजनैतिक नेताओं ने भी इस कार्यवाही को जायज ठहराया था। इस विध्वंस के दौरान हत्या और सामूहिक बलात्कार की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं, वकीलों, और पत्रकारों के निरंतर प्रयासों के बाद केवल न्यायपालिका ही पारधीयों के बचाव के लिया आगे आई। 
30 Dec 2012
२३ मई २०१२ को हरियाणा के हिसार जिले में भगाना गांव के ७० दलित परिवारों ने, मवेशियों समेत अपना गांव छोड़कर, हिसार शहर में स्थित मिनी सचिवालय के बहार अपना डेरा जमा लिया। समाचारों के मुताबिक वे अपने गांव के जाटों द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न और जमीन पर कब्जे का विरोध कर रहे थे. इसी सन्दर्भ में पीपुल्स  यूनियन फॉर  डेमोक्रेटिक राइट्स, दिल्ली और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स, पंजाब ने २१ जून २०१२ को इस मामले कि एक संयुक्त जांच क़ी.