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20 Sep 2016
16 सितम्बर 2016 को उना दलित अत्याचार लड़त समिति के संयोजक एवं युवा नेता जिगनेश मेवानी को अहमदाबाद पुलिस ने पकड़ लिया | मेवानी को उस समय पकड़ा गया जब वह दिल्ली से लौटे | वे दिल्ली में जंतर मंतर पर दलित स्वाभिमान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आमसभा को संबोधित करके लौट रहे थे | इस सभा में उन्होंने 1 अक्टूबर से रेल रोको आन्दोलन का ऐलान किया था | गुजरात पुलिस द्वारा इतनी तकलीफ इसीलिए उठायी गईं क्योंकि 17 सितम्बर को गुजरात के दाहोद ज़िले के लिमखेडा गाँव में प्रधानमन्त्री मोदी के जन्मदिवस समारोह की तैयारियां थीं | मेवानी को क्राइम ब्रांच, गैकवाढ़ हवेली में पकड़कर हिरासत में रखा गया |
20 Sep 2016
16 सितम्बर 2016 को उना दलित अत्याचार लड़त समिति के संयोजक एवं युवा नेता जिगनेश मेवानी को अहमदाबाद पुलिस ने पकड़ लिया | मेवानी को उस समय पकड़ा गया जब वह दिल्ली से लौटे | वे दिल्ली में जंतर मंतर पर दलित स्वाभिमान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आमसभा को संबोधित करके लौट रहे थे | इस सभा में उन्होंने 1 अक्टूबर से रेल रोको आन्दोलन का ऐलान किया था | गुजरात पुलिस द्वारा इतनी तकलीफ इसीलिए उठायी गईं क्योंकि 17 सितम्बर को गुजरात के दाहोद ज़िले के लिमखेडा गाँव में प्रधानमन्त्री मोदी के जन्मदिवस समारोह की तैयारियां थीं | मेवानी को क्राइम ब्रांच, गैकवाढ़ हवेली में पकड़कर हिरासत में रखा गया |
03 Aug 2016
पीयूडीआर गुजरात में गिर सोमनाथ जिले के उना तालुका अंतर्गत मोटा समाधियाला गाँव में गौर-रक्षकों द्वारा चमार जाति के 7 लोगों के साथ मार-पीट, कपड़े उतारने और प्रदर्शन करने की घटना की कड़ी निंदा करता है। इसने हिन्दुत्व के गाय की राजनीति की ब्राह्मणवादी चरित्र तथा राज्य के जातिवादी चरित्र को केन्द्रीय स्तर पर सामने लाया है। व्यापक रूप से इस बात की सूचना मिली है कि यह घटना पुलिस थाना के ठीक बाहर ही हुई है तथा इसमें ड्युटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लाठियों का प्रयोग किया गया।
28 Jul 2016
PUDR condemns the incident of flogging, stripping and parading of seven men belonging to the chamar caste by vigilante gaurakshaks on 11 July 2016 in Mota Samadhiyala village, Una taluka, Gir Somnath District Gujarat, which has brought the Brahmanical character of Hindutva cow politics and the caste character of the state to centre stage. It has been widely reported that the assault took place just outside the police station, using the lathis of the on-duty policemen.
29 Jun 2016
PUDR expresses outrage at the barbaric incident of 10th June where, in a horrific example of discrimination and violation of dignity, two men - Rizwan and Mukhtiar - accused of transporting beef from Mewat to Delhi, were forced to eat cow dung by members of the Gurgaon Gau Raksha Dal. A video has surfaced showing the two being threatened, and forced to eat panchgavya, a mixture of cow dung, cow urine and other bovine products.