Skip to main content
HomePage

10 Sep 2017
पीयूडीआर पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की कड़ी निंदा करता है | ‘गौरी लंकेश पत्रिका’ की संपादक लंकेश की 5 सितंबर को बेंगलुरु में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई | कन्नड़ भाषा में प्रकाशित इस पत्रिका के माध्यम से गौरी लगातार जाति व्यवस्था, अंधविश्वास, कट्टरपंथी हिंदुत्ववाद, फासीवाद, भ्रष्टाचार और लिंग आधारित भेदभाव आदि के खिलाफ लिखती आईं थीं | उनके लेखन में वे सीधा बीजेपी, आरएसएस और इनसे जुड़े संगठनों और नेताओं की तीखी आलोचना करती आईं थीं | उनके आखिरी संपादकीय ‘फ़ेक न्यूज़ के ज़माने में  में भी उन्होने प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी, और आरएसएस द्वारा मीडिया पर झूठ पर आधारित दुष्प्रचार की पोल खोल
03 Nov 2016
पीपल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स हाल में हुए भोपाल फर्ज़ी मुठभेड़ के खिलाफ लखनऊ में धरना दे रहे रिहाई मंच के कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय पुलिस द्वारा की गई बदसलूकी की कड़ी निंदा करता है | आज इस देश में गुंडा राज देखने को मिल रहा है | जहां एक तरफ बर्बर तरीके से 8 विचाराधीन कैदियों को, जो की प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े मामलों में अभियुक्त थे, फर्ज़ी मुठभेड़ में मार दिया जाता है | वहीँ दूसरी तरफ इसके खिलाफ उठती आवाज़ों को खुलेआम दबाया जा रहा है |
20 Sep 2016
16 सितम्बर 2016 को उना दलित अत्याचार लड़त समिति के संयोजक एवं युवा नेता जिगनेश मेवानी को अहमदाबाद पुलिस ने पकड़ लिया | मेवानी को उस समय पकड़ा गया जब वह दिल्ली से लौटे | वे दिल्ली में जंतर मंतर पर दलित स्वाभिमान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आमसभा को संबोधित करके लौट रहे थे | इस सभा में उन्होंने 1 अक्टूबर से रेल रोको आन्दोलन का ऐलान किया था | गुजरात पुलिस द्वारा इतनी तकलीफ इसीलिए उठायी गईं क्योंकि 17 सितम्बर को गुजरात के दाहोद ज़िले के लिमखेडा गाँव में प्रधानमन्त्री मोदी के जन्मदिवस समारोह की तैयारियां थीं | मेवानी को क्राइम ब्रांच, गैकवाढ़ हवेली में पकड़कर हिरासत में रखा गया |
20 Sep 2016
16 सितम्बर 2016 को उना दलित अत्याचार लड़त समिति के संयोजक एवं युवा नेता जिगनेश मेवानी को अहमदाबाद पुलिस ने पकड़ लिया | मेवानी को उस समय पकड़ा गया जब वह दिल्ली से लौटे | वे दिल्ली में जंतर मंतर पर दलित स्वाभिमान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आमसभा को संबोधित करके लौट रहे थे | इस सभा में उन्होंने 1 अक्टूबर से रेल रोको आन्दोलन का ऐलान किया था | गुजरात पुलिस द्वारा इतनी तकलीफ इसीलिए उठायी गईं क्योंकि 17 सितम्बर को गुजरात के दाहोद ज़िले के लिमखेडा गाँव में प्रधानमन्त्री मोदी के जन्मदिवस समारोह की तैयारियां थीं | मेवानी को क्राइम ब्रांच, गैकवाढ़ हवेली में पकड़कर हिरासत में रखा गया |
03 Aug 2016
पीयूडीआर गुजरात में गिर सोमनाथ जिले के उना तालुका अंतर्गत मोटा समाधियाला गाँव में गौर-रक्षकों द्वारा चमार जाति के 7 लोगों के साथ मार-पीट, कपड़े उतारने और प्रदर्शन करने की घटना की कड़ी निंदा करता है। इसने हिन्दुत्व के गाय की राजनीति की ब्राह्मणवादी चरित्र तथा राज्य के जातिवादी चरित्र को केन्द्रीय स्तर पर सामने लाया है। व्यापक रूप से इस बात की सूचना मिली है कि यह घटना पुलिस थाना के ठीक बाहर ही हुई है तथा इसमें ड्युटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लाठियों का प्रयोग किया गया।