Skip to main content
HomePage

07 Jul 2018
The Uttar Pradesh Control of Organised Crime Act, 2017 (UPCOCA) was passed on 27 March 2018. The statement of objects and reasons for the law argues that ‘organised crime’ has become a widespread and serious threat and such activities are fueled by illegal wealth, corrupting legitimate businesses and inciting disaffection towards the government. This law is considered to be necessary since criminals are using modern techniques and the existing legal framework of penal provisions, procedures and system of courts is inadequate to deal with the purpose.
31 May 2017
गढ़चिरोली सत्र न्यायालय में चले मुकदमे का फैसला, जिसमें पाँच लोगों, जी.एन.साईबाबा, महेश तिरकी, पांडू नरोटे, प्रशांत राही और हेम मिश्रा को आजीवन कारावास और विजय तिरकी को 10 साल की कैद की सज़ा सुनाई गई है, एक विचारधारा और नृशंस यू.ए.पी.ए. कानून द्वारा प्रतिबंधित संगठन के राजनैतिक अभियोजन का स्पष्ट उदाहरण है। इन छः अभियुक्तों को एक प्रतिबंधित संगठन सी.पी.आई. (माओवादी) का सदस्य होने का अपराधी ठहराया गया है और इसलिए उन्हें राजसत्ता के खिलाफ ‘षड़यंत्र’ करने का दोषी माना गया है, जबकि उनके खिलाफ, इस ‘षड़यंत्र’ को अंजाम देने के लिए किसी तरह का अपराध करने के कोई सबूत मौजूद नहीं हैं। उन पर यू.ए.पी.ए.
28 Aug 2015
उद्योग विहार की कपड़ा फक्ट्रियों में हादसों की सूची बढ़ती जा रही है | 20 जून 2015 को ओरियेंट क्राफ्ट नामक फैक्ट्री के 'फिनिशिंग' विभाग में काम करने वाले एक मज़दूर पवन कुमार को लिफ्ट का प्रयोग करते समय बिजली के झटके लगे थे और वह घायल हो गया था | खबर सुनते ही कई मज़दूर फैक्ट्री के गेट पर इकट्ठा हो गए थे | इससे पहले 12 फरवरी 2015 को उद्योग विहार, गुड़गांव में कपड़ा फैक्ट्रियों के सैंकड़ों मज़दूर सड़कों पर आ उतरे और कुछ फैक्ट्रियों की बिल्डिंगों पर पत्थर फैंके | उन्होंने अफ़वाह सुनी थी की उनके एक साथी मज़दूर समी चंद की मौत हो गई है | बाद में पता चला कि समी चंद की मौत नहीं हुई थी, पर दो दिन पहले उसके
15 Aug 2015
On July 30, 2014 Justice Kait headed SIMI Tribunal upheld the ban after examining 21 cases, 18 of which were “fresh cases” and examining 30 state officials in “support of the ban” and concluded that: “the evidence brought on record clearly and unambiguously establishes that despite being banned since 27th September, 2001, except for a brief period in between, the SIMI activists are associating, meeting, conspiring, acquiring arms & ammunitions, and indulging in activities which are disruptive in character and capable of threatening the sovereignty and territorial integrity of Indi
23 Jul 2015
भारतीय जनता पार्टी सरकार ने अपने 2014 के चुनाव पत्र में गौमांस पर प्रतिबंध और गौसंरक्षण को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। इसी को अमल में लाते हुए, मार्च 2015 से महाराष्ट्र व हरियाणा में गौहत्या प्रतिबंधी कानूनों को पारित करने और उनमें संशोधन ला