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12 Dec 2018
PUDR conducted a fact-finding to probe into the incident of mass termination in a mobile phone manufacturing unit in Noida, Uttar Pradesh where around 180 workers were thrown out of job without any prior notice on 29th November 2018. The abysmal and appalling nature of employment being generated under the 2015 ‘Make in India’ drive becomes starkly visible in this manufacturing unit called Hipad Technology India Private Limited situated in Noida Sector 63, making phones for Chinese companies Oppo and Xiaomi.
18 Mar 2018
18 मार्च 2017 को हरियाणा में गुरुग्राम सेशंस कोर्ट ने मारूति कंपनी के 31 बर्खास्त कामगारों को सज़ा सुनाई, जिनमें से 13 मजदूरों को उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई। इन सभी को अदालत ने हफ्ते भर पहले 10 मार्च 2017 को दोषी करार दिया था। अतिरिक्त सेशंस जज आर.पी. गोयल ने 117 कामगारों को बरी कर दिया। इन सभी को 5 साल पहले गिरफ्तार किया गया था और 2 से 4 साल तक जेल में रखा गया था। जिन 13 कामगारों को सबसे कड़ी सज़ा दी गई है वे मारूति यूनियन के सक्रिय सदस्य और पदाधिकारी थे।
25 Feb 2018
PUDR unequivocally lends its solidarity and support to workers from the electronics industry in Greater Noida, including LG Electronics, Moser Baer, Exide and Eveready, some of whom have been on a hunger strike for the past week in protest against the steadily deteriorating working conditions and attacks on workers rights in recent times.
08 Nov 2017
People’s Union for Democratic Rights has long been drawing attention to egregious violation of rights of workers governed under various labour laws. Most important of these rights is the fundamental right to form trade union, so as to engage in collective wage negotiations and to ensure that conditions on shop floor do not become tyrannical.
22 Aug 2017
‘मेक इन इण्डिया’ अभियान और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को भारत में निर्माण करने के लिए न्यौता देने से रोज़गार पैदा होने के इसके दावे को काम के भयावह और अमानवीय ‘अवसरों’ के रूप में देखा गया है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण वीवो इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड है। वीवो कम्पनी एक चीनी स्मार्टफ़ोन निर्माता कम्पनी है जिसका भारतीय बाज़ार में प्रवेश दिसम्बर 2015 में ‘मेक इन इण्डिया’ कार्यक्रम के तहत हुआ था और यह इण्डियन प्रीमियर लीग 2017 की प्रायोजक भी थी। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित इसकी निर्माण इकाई उस समय सुर्खियों में आयी, जब कम्पनी ने पिछले महीने आईपीएल सत्र के समापन पर अपने एक हज़ार कर्मचारियों को न