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22 Aug 2017
‘मेक इन इण्डिया’ अभियान और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को भारत में निर्माण करने के लिए न्यौता देने से रोज़गार पैदा होने के इसके दावे को काम के भयावह और अमानवीय ‘अवसरों’ के रूप में देखा गया है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण वीवो इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड है। वीवो कम्पनी एक चीनी स्मार्टफ़ोन निर्माता कम्पनी है जिसका भारतीय बाज़ार में प्रवेश दिसम्बर 2015 में ‘मेक इन इण्डिया’ कार्यक्रम के तहत हुआ था और यह इण्डियन प्रीमियर लीग 2017 की प्रायोजक भी थी। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित इसकी निर्माण इकाई उस समय सुर्खियों में आयी, जब कम्पनी ने पिछले महीने आईपीएल सत्र के समापन पर अपने एक हज़ार कर्मचारियों को न
10 Aug 2017
The ‘Make in India’ drive and its claim of generating employment by getting multi-national companies to manufacture in India is characterized by appalling and inhuman work ‘opportunities’ of which the Vivo India Pvt Ltd is a glaring example. Vivo Company is a Chinese smartphone manufacturer that entered the Indian markets in December 2015 under the ‘Make in India’ initiative and was also the sponsor of the Indian Premier League 2017.
24 Jul 2017
PUDR investigated the aftermath of July 12, 2017, when Zohra Bibi, a domestic worker in Noida’s Mahagun Moderne, was severely beaten up and later went missing from her employer’s flat after allegations of theft were leveled against her. Subsequently, the local police, administration, Resident Welfare Association, as well as the MP and BJP minister Mahesh Sharma have been complicit in unleashing the combined might of the state machinery and the wrath of upper class residents in the violence, detention and deprivation of livelihoods of the protesting workers.
23 Jun 2017
Coordination of Democratic Rights Organisation strongly condemns the arrest of three mine workers Rabi Murmu, Abhimanyu Mohanto and Ramesh Majhi on June 12, 2017 on false and fabricated charges of conspiring to wage a war against the Indian state and inciting violence.
10 Jun 2017
पीयूडीआर आइसीन ऑटोमोटिव हरियाणा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संघर्षरत मज़दूरों के खिलाफ दर्ज मुक़दमे एवं गिरफ्तारी की निंदा करता है| पिछले कुछ महीनों से मजदूर अपनी यूनियन पंजीकृत करवाने के लिए और मैनेजमेंट से अपने काम की परिस्थितियों से सम्बंधित मांगों को लेकर संघर्षरत हैं | 31 मई 2017 को कंपनी के गेट पर बीते कईं दिनों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे मज़दूरों पर पुलिस ने मैनेजमेंट की शिकायत पर पहले लाठी चार्ज किया फिर उन्हें हिरासत में ले लिया | इन सभी के ख़िलाफ़ रोहतक के संपला थाने में एफ़आई.आर. दर्ज किया गया है जिनमें यूनियन लीडरों को मुख्य आरोपी नामित किया गया है |